तू अपनी खूबियां ढूंढ …
कमियां निकालने के लिए लोग बहुत हैंI
अगर रखना ही है कदम….
तो आगे रख ,
पीछे खींचने के लिए लोग बहुत हैं |
सपने देखने ही है …..
तो ऊंचे देख ,
निचा दिखाने के लिए लोग बहुत हैं|
अपने अंदर जुनून की चिंगारी भड़का ,
जलने के लिए लोग बहुत हैं |
प्यार करना है….
तो खुद से कर ,
दुश्मनी करने के लिए लोग बहुत है|
रहना है….
तो बच्चा बनकर रह ,
समझदार बनाने के लिए लोग बहुत है |
खुद की अलग पहचान बना….
भीड़ में चलने के लिए लोग बहुत है
सदा मुस्कुराते रहिये रोने के लिए लोग बहुत है।
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